Tuesday, May 26, 2009

धोखा.......
















धोखा
दिया है तुमने मेरे आस को.......

तोडा है तुमने मेरे बिश्वास को.......

मंजिल तो ही गयी थी...

बस! हाथ छुडा कर तुमने नया रास्ता चुन लिया है....

सोचा
भी नहीं एक पल की टूट जाऊंगा मैं ....

ख्वाब
जो दिखाया था तुमने कैसे साकार कर पाउँगा मैं....

वादों का क्या हुआ??????

तुम्हारी तो धड़कने भी नहीं चलती थी मेरे बिना....

ख्वाबो में गर आऊँ तो सो भी नहीं पाती थी तुम मेरे बिना........

सब झूठ था !!!!........

सिर्फ इक बार तुम कह दो अपनी जुबानी.....

सिर्फ इक तुम कह दो अपनी जुबानी...........

19 comments:

अमिताभ भूषण "अनहद" said...

मंजिल तो आ ही गयी थी...
बस! हाथ छुडा कर तुमने नया रास्ता चुन लिया है....
वाह क्या बात है ,बहुत खूब

Babli said...

आपकी टिपण्णी के लिए बहुत बहुत शुक्रिया!
आपने बहुत ही सुंदर कविता लिखा है! माशाल्लाह लाजवाब है! लिखते रहिये!

vandana said...

gazab ka likha hai...........lajawab.

sangam ''karmyogi'' said...

maharj...
pyar ka matlab sirf milan hi nai hota...!
judaai bhi to pyar hi hai..
waise ye kavita..bahut kuch kehti hai..!!

satish kundan said...

धन्यबाद संगम जी....तो मैंने कब कहा की प्यार का मतलब सिर्फ पाना ही है...मैं तो खुद अभी तक अनजान हूँ प्यार के मतलब से

satish kundan said...

अनहद जी, बबली जी और वंदना जी आप सभी का शुक्रिया!!!!!!!!!!!!!

raj said...

khubsurat magar dard bhare ahsaas.kyun sunna chahte hai ki sab jhuthh tha. jo jhuthh tha to th..sunke or dard hoga...

Sheena said...

मंजिल तो आ ही गयी थी...

बस! हाथ छुडा कर तुमने नया रास्ता चुन लिया है....

bahut achha likha hai aapne..
aur sach bhi...

satish kundan said...

राज जी आपकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यबाद !!! आपने पूछा है ''क्योँ सुनना चाहते है की सब झूठ था''वो इसलिए की आज तक मुझे विश्वास ही नहीं है की सब झूठ था....मैं आज भी स्वप्न में जी रहा हूँ !!!!!!!!!!!! और वैसे भी दर्द हो तो कोई बात नहीं....अब तो बिना दर्द के जीना भी मुश्किल सा लगता है !!!

satish kundan said...
This comment has been removed by the author.
satish kundan said...

शीना जी ...आप मेरे ब्लॉग पे आई इसके लिए बहुत-बहुत धन्यबाद!!!!! आगे भी इसी तरह ब्लॉग पर मिलते रहेंगी ऐसी आशा है....

रवीन्द्र दास said...

kuchh bhi jhoth nahin tha. vo kahte hain n k jajvati hona achchha nahin. sabko kal ki fikr hai. hai n ?

VaRtIkA said...

सुंदर..........

Babli said...

Thanks a lot for your sweet and lovely comment.
I am waiting eagerly for your new post.
You are welcome in all my blogs.

satish kundan said...

ravindra jee, vartlka jee,aur babli jee....aaplogo ka bahut bahul shukriya aage bhi blog par u hi milte rahenge!!!!!!!!!!

Ravi Prakash said...

बहुत ही खुबसूरत रचना

sadhana said...

tumhari lekhani bahut dard hai aisa kyo?

sharan said...

kya kaho mere pass shabd nahi hai
kavita hai to bahut hi khubshurat par bahut dard bhara hai
hum jisse pyar kare wo hamesha hamein mil hi jaye aisa nahi hota
pyar me toot jana aasan hai par pyar nahi milne par bhi khushi se jindagi jite rahna aasan nahi hota........
kisiko chhor kar jana aasan nahi hai kyunki dard dono taraf hota hai sapne un dono ke toot jate hai
bahut hi dard bhari rachna hai

Anonymous said...

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