Wednesday, July 1, 2009

यादें........



















दोस्त
बिछुड़कर भी यादों में रहेंगीं आप,

दूर होकर भी अहसासों में बसेंगी आप ,

जो फुर्सत में बैठूँगा कभी अकेला ,

दूर कहीं सन्नाटे में नजर आयेंगीं आप,

आपकी
हंसी यादों में जब-जब आएगी,


आसुओं की बरसात हमें भीगो जायेगी....

आपका वो रूठना-मनाना,

हमारा वो लड़ना-झगड़ना ,

कौंध जायेगा जेहन में हमारे.........

जो
कभी पलटुंगा किताबें पुरानी,


उसमे
अंकित आपकी यादें काफी होंगी हमें तनहाइयों में ले जाने को....


जो कभी गुजरुंगा उन रास्तों से,

जिनपे
साथ थे हम चले कभी ,

वो बार-बार अहसास करायेंगी आपके साथ न होने का......

सच मानिये!!!!!!!! मुश्किल ही नहीं तब नामुमकिन होगा आसुओं को रोक पाना.....

दोस्त
बिछुड़कर भी यादों में रहेंगीं आप,


दूर होकर भी अहसासों में बसेंगी आप ,

14 comments:

Babli said...

वाह वाह सतीश जी क्या बात है! दिल कि गहराई से और पूरे भाव के साथ लिखी गई आपकी इस बेहतरीन कविता के लिए बहुत बहुत बधाई!

cartoonist anurag said...

bahut hi badia.....

vakai sateesh ji bahut hi umda likhte hain aap.....

raj said...

दूर होकर भी अहसासों में बसेंगी आप , door hone se dil se yaade door nahi hoti...khoobsurt ahsaas....

प्रदीप मानोरिया said...

बहुत खूब सूरत रचना

JHAROKHA said...

बहुत अच्छी पंक्तियाँ ---इसी तरह आगे भी लिखते रहिये.

अमिताभ भूषण "अनहद" said...

एक और सुन्दर रचना .बहुत अच्छा

प्रकाश गोविन्द said...

bahut sundar bhavnatmak abhivyakti hai !

likhte rahen

hardik shubh kamnayen !

आज की आवाज

Sheena said...

mujhe mein kuch baki hai to wo hai aap hi aap....

bahut khoob...

mere blogs par aapka swagat hai...
http://sheena-life-through-my-eyes.blogspot.com
http://hasya-cum-vayang.blogspot.com/

sangam ''karmyogi'' said...

wah..satishji..dosti ko shabdon me khubsurti se piroya hai..
par usse bhi jyada sundar dost k liye aapka lagav hai..
atisundar!

SAHITYIKA said...

nice one..
bt why u used .. aap??
generally log tum use karte hai..
thts unique in ur poem

रश्मि प्रभा... said...

शानदार........

gargi gupta said...

aap ki rachna bhut hi bhavpurn hai.....
kamal ka asar hai aap ke lekhan main
sach kisi ko mahsoos karne ke liye uska saath hona jarori nahi hai
bhut hi sundar vichar

Murari Pareek said...

वाह बहुत सुन्दर रचना लिखी है | किसी से बिछुड़ने के बाद लिखी है क्या ?

Suman said...

nice