Friday, January 1, 2010

















आपके जीवन में खुशियाँ ले कर आये नूतन वर्ष ......


सुबह में बंद खिड़की के दरख्तों से आती धुप की तरह....


सर्द ठंडी हवा में घुली गेंदे की खुशबु की तरह...


फूलो से लदी गुलमोहर की डाली से टपकती ओस की बूंदों की तरह...



इंतजार.......

बागो में खिली फूल इंतजार करती हो जैसे भंवरों का

सावन में झूमता पोअधा इंतजार करता हो जैसे बादलों का

रातों को जुगनूँ जल-बुझ कर इंतजार करती हो जैसे प्रियतम का

वैसे ही नव वर्ष इंतजार कर रही है आपका....