Friday, January 1, 2010

















आपके जीवन में खुशियाँ ले कर आये नूतन वर्ष ......


सुबह में बंद खिड़की के दरख्तों से आती धुप की तरह....


सर्द ठंडी हवा में घुली गेंदे की खुशबु की तरह...


फूलो से लदी गुलमोहर की डाली से टपकती ओस की बूंदों की तरह...



इंतजार.......

बागो में खिली फूल इंतजार करती हो जैसे भंवरों का

सावन में झूमता पोअधा इंतजार करता हो जैसे बादलों का

रातों को जुगनूँ जल-बुझ कर इंतजार करती हो जैसे प्रियतम का

वैसे ही नव वर्ष इंतजार कर रही है आपका....

3 comments:

Babli said...

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें!
बहुत बढ़िया लगा ! बहुत ही सुन्दर और भावपूर्ण रचना लिखा है आपने! बधाई!

Akshita (Pakhi) said...

लाजवाब लिखा..बधाई.
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'पाखी की दुनिया' में अब सी-प्लेन में घूमने की तैयारी...

Ravi Prakash said...

bahut badhiya, kuch naya bahut dino se nahi likha, intezar hai, kosish jari rakho.